उत्तर प्रदेश

प्रयागराज में होमस्टे और विला

संगम के पास ठहरें, जहाँ गंगा और यमुना मिलती हैं

प्रयागराज, जिसे पहले इलाहाबाद कहा जाता था, त्रिवेणी संगम पर बसा है — गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का मिलन। परिवार यहाँ संगम में स्नान के लिए, हर सर्दी में लगने वाले माघ मेले के लिए और इतिहास से भरे शहर को देखने आते हैं।

प्रयागराज के मेज़बान तैयारी कर रहे हैं

हर हफ़्ते नए घर जुड़ते हैं। तब तक पूरे भारत में खोजिए, या जल्द ही दोबारा देखिए।

सभी ठहराव खोजें

प्रयागराज में क्यों ठहरें

  • त्रिवेणी संगम

    घाटों से नावें उस जगह तक जाती हैं जहाँ दोनों नदियाँ मिलती हैं और उनके रंग अलग-अलग पहचाने जा सकते हैं। स्नान के लिए सुबह का समय सबसे शांत रहता है।

  • माघ मेला और कुंभ

    माघ मेला हर साल जनवरी और फ़रवरी में नदी किनारे लगता है। हर बारह साल में लगने वाला कुंभ मेला, और बीच में अर्ध कुंभ, दुनिया के सबसे बड़े आयोजनों में गिना जाता है।

  • आनंद भवन और ख़ुसरो बाग़

    नेहरू परिवार का घर आनंद भवन अब स्वतंत्रता आंदोलन का संग्रहालय है। ख़ुसरो बाग़ में बड़े बाग़ के बीच मुग़ल काल के मक़बरे हैं।

जानने लायक बातें

संगम के लिए कहाँ रुकें?

सिविल लाइंस, दारागंज और झूँसी के घर संगम के लिए सुविधाजनक हैं। माघ मेले के दौरान गाड़ियाँ नदी से कुछ दूर रोक दी जाती हैं, इसलिए मेज़बान से पूछ लें कि कितना पैदल चलना होगा।

प्रयागराज कैसे पहुँचें?

बमरौली स्थित प्रयागराज हवाई अड्डे के लिए कई शहरों से उड़ानें हैं, और प्रयागराज जंक्शन दिल्ली–हावड़ा लाइन का बड़ा रेलवे स्टेशन है। वाराणसी सड़क से लगभग 120 किमी दूर है।

नकली बुकिंग वेबसाइटों से कैसे बचें?

बुकिंग और भुगतान सिर्फ़ आँगन स्टे पर करें। हर मेज़बान ने आधार और PAN से अपनी पहचान सत्यापित की है, भुगतान प्लेटफ़ॉर्म पर UPI या कार्ड से होता है और आपको GST बिल मिलता है। किसी निजी नंबर या WhatsApp पर आए लिंक पर एडवांस कभी न भेजें।

क्या आँगन स्टे पर दिखी कीमत में सब शामिल है?

हर रात की जो कीमत दिखती है उसमें GST शामिल है, और मेहमानों से कोई सेवा शुल्क नहीं लिया जाता। अगर मेज़बान एक बार का सफ़ाई शुल्क लेते हैं, तो वह भुगतान से पहले दिख जाता है — चेकआउट पर कुछ नहीं जुड़ता।

और मंज़िलें