उत्तर प्रदेश
वाराणसी में होमस्टे और विला
काशी के घाटों के पास परिवार वाले होमस्टे
वाराणसी — काशी, बनारस — दुनिया के सबसे पुराने बसे हुए शहरों में से एक है। घाटों से कुछ कदम दूर किसी स्थानीय परिवार के घर ठहरें, सूर्योदय से पहले गंगा में नाव की सैर करें और शाम की आरती के बाद घर का बना खाना खाएँ।
हर हफ़्ते नए घर जुड़ते हैं। तब तक पूरे भारत में खोजिए, या जल्द ही दोबारा देखिए।
सभी ठहराव खोजेंवाराणसी में क्यों ठहरें
घाट और गंगा आरती
नदी किनारे अस्सी से ज़्यादा घाट हैं। दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती हर शाम होती है; सूर्योदय के समय नाव से शहर को जागते देखना सबसे शांत अनुभव है।
काशी विश्वनाथ
काशी विश्वनाथ मंदिर पुराने शहर का केंद्र है। आसपास की गलियाँ संकरी हैं और पैदल ही घूमी जाती हैं — सबसे आसान रास्ता और समय अपने मेज़बान से पूछ लें।
सारनाथ, सिल्क और चाट
सारनाथ, जहाँ बुद्ध ने पहला उपदेश दिया था, लगभग 10 किमी दूर है। शहर में बनारसी साड़ी के बुनकर, सुबह की कचौड़ी-सब्ज़ी और मशहूर बनारसी पान ज़रूर आज़माएँ।
जानने लायक बातें
किस इलाक़े में रुकना ठीक रहेगा?
नदी और आरती तक पैदल जाने के लिए अस्सी घाट या दशाश्वमेध घाट के पास रुकें। पुराने शहर की गलियों के घरों तक गाड़ी नहीं पहुँचती, इसलिए मेज़बान से पूछ लें कि गाड़ी कहाँ तक आती है — बुज़ुर्गों के साथ यात्रा में यह ज़रूरी है।
वाराणसी कैसे पहुँचें?
बाबतपुर का लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (VNS) घाटों से लगभग 25 किमी दूर है। वाराणसी जंक्शन (कैंट) और बनारस स्टेशन मुख्य रेलवे स्टेशन हैं, जहाँ ज़्यादातर बड़े शहरों से सीधी ट्रेनें आती हैं।
नकली बुकिंग वेबसाइटों से कैसे बचें?
बुकिंग और भुगतान सिर्फ़ आँगन स्टे पर करें। हर मेज़बान ने आधार और PAN से अपनी पहचान सत्यापित की है, भुगतान प्लेटफ़ॉर्म पर UPI या कार्ड से होता है और आपको GST बिल मिलता है। किसी निजी नंबर या WhatsApp पर आए लिंक पर एडवांस कभी न भेजें।
क्या आँगन स्टे पर दिखी कीमत में सब शामिल है?
हर रात की जो कीमत दिखती है उसमें GST शामिल है, और मेहमानों से कोई सेवा शुल्क नहीं लिया जाता। अगर मेज़बान एक बार का सफ़ाई शुल्क लेते हैं, तो वह भुगतान से पहले दिख जाता है — चेकआउट पर कुछ नहीं जुड़ता।